२६ जानवरी २०१७… हमारे सौरमंडल के सबसे धीमे ग्रह (अर्थात शनै-शनै मार्गक्रमण करनेवाले) शनि महाराज वृश्चिक राशि से प्रस्थान कर धनु राशि में गोचर करेंगे. मकर राशिवालों के लिए यह साढेसाती (Sadesati) का आरम्भ है. साढ़ेसाती वैसे तो रोंगटे खड़े करनेवाली संकल्पना है, परंतु मकर राशि स्वयं शनि महाराज की राशि होने के कारणस्वरूप मकर राशि के जातको को साढ़ेसाती से अन्य राशियों को तुलना में कम मुश्किलें झेलनी पड़ती है.

साढ़ेसाती के ढाई-ढाई वर्ष के जो ३ चरण होते है, उनमेसे पहला ढाई वर्ष का चरण जिसमे शनि महाराज का गोचर धनु राशि से होता है, यह चरण मकर राशि वालो के लिए कुछ मुश्किलें, चिंताए, बाधाये, आर्थिक समस्याएं जरूर उत्पन्न करता है. द्वितीय एवम तृतीय चरण का भ्रमण मकर तथा कुम्भ इन शनि की राशियोंसे होगा। इसलिए द्वितीय व तृतीय चरण मकर राशिवालों के लिए सुसह्य तथा सही दिशामे प्रयास करेंगे तो प्रगतिकारक भी हो सकते है.

प्रथम चरण: साढ़ेसाती के प्रथमचरण के दौरान शनिभ्रमण बृहस्पति की राशि अर्थात धनुराशिमें – मूल नक्षत्र (नक्षत्रस्वामी : केतु), पूर्वाषाढा नक्षत्र (नक्षत्रस्वामी: शुक्र) तथा उत्तराषाढा नक्षत्र (नक्षत्रस्वामी: सूर्य) मे होगा. इस कालावधि में परिजनों को तकलीफे होगी, संघर्षमय जीवन रहेगा. आर्थिक मुश्किलें व स्वास्थ्यसंबंधी खर्चे हो सकते है. न्यायप्रविष्ठ कामोमे असफलता मिल सकती है. प्रत्येक कार्य में देरी का अथवा असफलता का सामना हो सकता है. व्यवसाय तथा करिअर में Downward Graph रह सकता है. नए कार्यो का आरम्भ ना करे. सच की रह पर चले. शनि महाराज न्यायप्रिय है इसलये बुरे कर्म ना करे.

शनि ग्रह के तेजस्वी प्रारणोंके साथ स्वय को सटीक करने के लिए रुद्राक्ष व शनिके रत्न का प्रयोग करे.

सातमुखी + आठमुखी + तीनमुखी रुद्राक्ष + अमेथिस्ट (उपरत्न) के प्रयोगसे शास्रोक्त तरीके से साढेसाती निवारण कंठ धारण करे.

सातमुखी रुद्राक्ष के ईष्टदेवता श्रीमहालक्ष्मीजी तथा अधिपति ग्रह शुक्र आपकी वित्तीय अवस्था (Financial Position) सुस्थित रखने में सहाय्यकारी होते है.

आठमुखी रुद्राक्ष के ईष्टदेवता श्रीगणेशजी कार्यबाधाए दूर करते है. केतु के नक्षत्र (मुल) में शनि गोचर से उत्पन्न नकारात्मक स्थितिको सकारात्मक करने का कार्य यह रुद्राक्ष करता है.

तीनमुखी रुद्राक्ष आपके पिछले कर्म जलाकर आपको दुष्कर्म मुक्त करता है. अर्थात न्यायप्रिय शनि महाराज भी आपके प्रति सकारात्मक होते है. सूर्य के नक्षत्र भ्रमण से उत्पन्न खलबली को यह रुद्राक्ष नियंत्रित करता है.

अमेथिस्ट स्टोन: यह शनि का उपरत्न है. शनि महाराज की आसिम कृपा दृष्टी आप पर बानी रहने के लिए यह उपरत्न उपयुक्त है.

अर्थात साढेसाती (Sade sati) की पीड़ा कम करनेके लिए मकर राशि वालो के लिए सातमुखी + आठमुखी + तीनमुखी रुद्राक्ष + अमेथिस्ट कोम्बिनेशन अत्यंत लाभदायी तथा अत्यावश्यक है.

Sadesati Niwaran Kantha for Makar Rashi:

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Rs. 2700 (3M Nepal + 7M Nepal + 8M Java + Amethyst)

Rs. 6500 (3M Nepal + 7M Nepal + 8M Nepal + Amethyst)

 

। शुभम भवतु।

 

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Rudraksha Mahima